हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) कर्मचारियों का पीएफ तय समय (महीने की 7 तारीख तक) पर जमा न कराने पर विभागों पर 8.29 करोड़ रु. जुर्माना लगा। 191 विभागों, बोर्ड, निगम व अन्य संस्थानों ने जुलाई 2022 से सितंबर 2023 तक पीएफ का पैसा जमा कराने में 12 से 530 दिन की देरी की। एचकेआरएन ने जुर्माने की राशि विभागों से लेकर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को दी। यह खुलासा शुक्रवार को विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन पेश 2023 की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। इसमें कहा है कि जब संबंधित डीडीओ से पूछा गया तो जवाब मिला कि उनके पास पैसा नहीं था। यानी विभागों, बोर्ड, निगमों के पास पीएफ का पैसा जमा कराने के लिए आया था।
यह भी खुलासा हुआ है कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने आधी-अधूरी तैयारी के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में खोले गए प्ले स्कूल के लिए ओडिशा की फर्म से 4 हजार इलेक्ट्रिक अल्ट्रावायलेट वाटर प्यूरीफायर खरीद लिए। प्रत्येक की कीमत 4,871 रु. थी। इनमें से 1,489 ही चालू मिले। बाकी जगह कहीं बिजली कनेक्शन नहीं था तो कहीं फिटिंग नहीं थी। गारंटी के 3 वर्ष बीत गए।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, कुरुक्षेत्र में आईटीआई के लिए 11.10 करोड़ रुपए तय हुए। जहां बननी थी, वहां जलभराव होता है। ठेकेदार ने मिट्टी का भराव कराने के लिए कहा, जो नहीं हुआ। ठेकेदार 4.02 करोड़ रु. का काम कर चुका है। रेवाड़ी-नारनौल लाइन पर गोविंदपुर के पास आरयूबी के लिए 19.89 करोड़ का बजट तय हुआ। रेलवे को 11.84 करोड़ दिए, पर जमीन पर सहमति ही नहीं बनी। चीका मंडी जाने के लिए मारकंडा नदी पर पुल निर्माण पर 8.14 करोड़ खर्च हो गए, पर काम अधूरा है। पानीपत में स्टेडियम पर 1.66 करोड़ रु. खर्च होने के बावजूद काम अधूरा है।
बजट सत्र का शेड्यूल
21-22 फरवरीः विधानसभा का अवकाश।
23-27 फरवरीः प्रश्नकाल,शून्यकाल और राज्यपाल के अभिभाषण पर सामान्य चर्चा।
26 फरवरीः वर्ष 2025-26 के अनुपूरक अनुमानों की प्रस्तुति, चर्चा व वोटिंग।
27 फरवरीः सीएम का जवाब व धन्यवाद प्रस्ताव पर मतदान।
28 फरवरी 1 मार्चः विधानसभा का अवकाश।
3-4 मार्चः विस का अवकाश।
5 मार्चः बजट अनुमानों पर सामान्य चर्चा का प्रारंभ।
7-8 मार्चः विस का अवकाश।
10-13 मार्चः विभागीय समितियों द्वारा बजट आवंटन की समीक्षा बैठकें।
14-15 मार्चः विधानसभा का अवकाश।
16 मार्चः समितियों की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी।
17 मार्चः वित्त मंत्री के नाते सीएम का जवाब, बजट पर मतदान और विनियोग विधेयक पेश करना
2047 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का विजन
सरकार ने विधानसभा में विजन डाक्यूमेंट-2047 जारी कर अगले 23 साल का रोडमैप सामने रखा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर यानी आज के हिसाब से करीब 90 लाख करोड़ तक पहुंचाने का है। विजन-2047 ट्रिपल-सी से ट्रिपल एच तक छह ट्रिपल फॉर्मूलों पर आधारित है, जिन्हें सरकार ने विकास के छह इंजन बताया है।
3C: क्लीन, कार्बन नेगेटिव, कंड्यूसिव राज्य को कार्बन-नेगेटिव बनाने, स्वच्छ उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर फोकस ।
3S: सेफ, सिक्योर, सस्टेनेबल वित्तीय अनुशासन, आंतरिक सुरक्षा, दीर्घकालिक नीतिगत स्थिरता से मजबूत आर्थिक ढांचा।
3I: एआई, इनोवेशन, इंटरनेशनल अलाइनमेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशासन, नवाचार को बढ़ावा और वैश्विक मानकों के अनुरूप नीतियां बनाई जाएंगी।
3E: इक्विटेबल, इको-फ्रेंडली, एक्सपेरिमेंटल फार्मिंग खेती को जल संरक्षण, तकनीक और नवाचार से जोड़कर टिकाऊ कृषि मॉडल की ओर कदम उठाए जाएंगे।
3R: री-इमेजिन, री-डिजाइन, री-इनवेस्ट से युवाओं को भविष्य के रोजगार के अनुसार तैयार करना, स्किल, उद्योग में पुनर्निवेश।
3H: हेल्दी, होपफुल, हैप्पी हर परिवार को सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन देना। प्रदेश की जीएसडीपी 2025-26 में स्थिर मूल्यों पर 9.5 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। वर्तमान मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय 3.95 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है।